Sunday 18th April 2021

आप जो मिल गये…

*भारती शर्मा*

आप जो मिल गये जाने क्या मिल गया
ज़िन्दगी को नया इक सिरा मिल गया

क्यूँ न इतराऊँ मैं क्यूँ न सजदा करूँ
बन्दगी के लिए इक ख़ुदा मिल गया

ऐ ग़मों जाओ दिल अब ये खाली करो
मेरी खुशियों को मेरा पता मिल गया

कैसे ये हो गया मैं भी हैरान हूँ
जाने किसकी दुआ का सिला मिल गया

है कहानी यही मेरे किरदार की
टूटने जब लगी हौसला मिल गया

गर्दिशे दौर में तनहा थी ‘भारती’
हासिले जीत पे काफ़िला मिल गया

*भारती शर्मा (अलीगढ़)

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