Sunday 18th April 2021

गाँधी राष्ट्र विभूति

गाँधी राष्ट्र विभूति

*रामगोपाल राही*

गाँधी राष्ट्र विभूति जग में
समझो होना मुश्किल है |
गाँधी जैसे महामानव का ,
फिर से होना मुश्किल है ||

कट्टरता वादी पचा सके न
, राष्ट्रवादी गाँधी को|
कट्टर मुखरित चेहरों ने ही,
सच मरवाया गाँधी को ||

धरती रोई आसमान भी ,
दशों दिशाएँ रोई थी |
गाँधी जी की मृत्यु देखकर ,
फिजाँं भी खोई खोई थी ||

काल स्वयं ही बोल उठा था ,
क्यों आई वो काल घड़ी |
मुझसे पूछे बिना तुम्हारी ,
गाँधी पर क्यों नजर पड़ी ||

काल घड़ी उठ बैठी बोली ,
अकाल मृत्यु है गांधी की |
घृणा रखते इनसे उनने
हत्या की है गांधी की ||

गाँधी जीवन दर्शन देकर ,
पाठ पढ़ाया गाँधी ने |
सारे जग को अहिंसा का ,
मार्ग दिखाया गाँधी ने ||

मानवता के परम हितैषी ,
महामानव थे गाँधीजी |
सत्य अहिंसा के पुजारी ,
स्वावलंबी थे गाँधी जी ||

सच गाँधी नाम से आज भी
कट्टर जन अकुलाते हैं |
महामानव के स्मरण पर ,
सिर पर बल पड़ जाते हैं ||

तन पे लंगोटी लाठी संग में ,
खद्दर धारी गाँधी थे |
हुआ न होगा गांधी जैसा ,
ऐसे दुर्लभ गाँधी थे ||

पारदर्शी जीवन शैली थी ,
उनसा दिखता और नहीं |
सारे जग में ढूँढ के देखो ,
गाँधी जैसा और नहीं ||

देश व जग के सर्वमान्य ,
चाहने वाले गाँधी थे |
वस्तु स्वदेशी भाषा अपनी
मानने वाले गाँधी थे ||

राष्ट्र एकता देशभक्ति
कोई सीखे गाँधी से |
भाईचारा प्रेम भावना,
रखना सीखे गाँधी से ||

सत्य अहिंसा शांति पुजारी
सचमुच समझो गाँधी थे |
सामान्य में असामान्य
व्यक्ति वाले गाँधी थे ||~

*रामगोपाल राही
पो0 लाखेरी,जिला बूँदी (राज)पिन323615
मो0 9982491518, 8949682800

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