Wednesday 21st April 2021

19 वें स्मृति समारोह में श्रद्धा पूर्वक याद किए गए गांधी मानस महाकाव्य रचयिता स्नेही जी

डाॅ देवेन्द्र जोशी राष्ट्र कवि नटवरलाल स्नेही अलंकरण से विभूषित

डाॅ देवेन्द्र जोशी राष्ट्र कवि नटवरलाल स्नेही अलंकरण से विभूषित

शाश्वत सृजन समाचार

नागदा। मालवमाटी के गौरव सपूत और गांधी मानस जैसे महाकाव्य के यशस्वी रचनाकार नटवरलाल स्नेही की स्मृति में प्रति वर्ष दिया जाने वाला राष्ट्रकवि  नटवरलाल स्नेही साहित्य अलंकरण इस वर्ष सुप्रसिद्ध कवि, साहित्यकार शिक्षाविद् डाॅ देवेन्द्र जोशी उज्जैन को प्रदान किया गया। डाॅ हरिमोहन बुधौलिया, आचार्य शैलेन्द्र पाराशर, विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में डाॅ देवेन्द्र जोशी को शाल,श्रीफल, अभिनन्दन पत्र और सम्मान पट्टिका भेंट कर  2019 के राष्ट्रकवि नटवरलाल स्नेही साहित्य अलंकरण से विभूषित किया गया। महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित महाकाव्य ‘महात्मायन’ व ‘सिंहस्थ और उज्जयिनी’ सहित दर्जनों ग्रंथों के रचनाकार डाॅ देवेन्द्र जोशी से पहले यह सम्मान डाॅ शिवमंगल सिंह सुमन, डाॅ राममूर्ति त्रिपाठी, डाॅ मोहन गुप्त, शंकराचार्य दिव्यानन्द जी तीर्थ जैसी विभूतियों को प्रदान किया जा चुका है। 
इस अवसर पर बोलते हुए डाॅ जोशी ने कहा कि नागदा और नटवरलाल स्नेही एक – दूसरे के पर्याय हैं। साहित्य अतीत को वर्तमान से जोडता है। सम्मान और स्मरण व्यक्ति के बहाने उसके कार्यों का होता है। जब व्यक्ति की संवेदना अनुभूति के चरमोत्कर्ष पर पहुचती है तो साहित्य सृजन होता है। साहित्य सृजन जुनून है जज्बा है समाज की बेहतरी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का। यह ऐसा भाव है जिसमें व्यक्ति घर फूंक तमाशे की राह पर चलते हुए अवढर दानी की तरह अपने जीवन का संपूर्ण अर्जित ज्ञान कोष समाज में लुटाकर खुशी का अनुभव करता है। 
आचार्य शैलेन्द्र पाराशर ने अपने उद्बोधन में कहा कि नटवरलाल स्नेही ने गांधी मानस जैसी महत्वपूर्ण कृति के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह के आदर्श जन – जन तक पहुंचाने का जो महनीय कार्य किया है वह इस राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। डाॅ हरिमोहन बुधौलिया ने इस अवसर पर कहा कि नटवर लाल स्नेही समारोह नागदा में विगत 19 वर्षों से स्व. नटवरलाल स्नेही स्मृति मंच द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। बेहतर होगा कि यह आयोजन आने वाले समय में साहित्य परिषद और इस संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जाए। राज्य संस्कृति संचालनालय को स्नेही जी की स्मृति में सम्मान शुरू करते हुए उनके स्मृति ग्रंथ का मध्य प्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी से पुनर्प्रकाशन करना चाहिए। विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने कहा कि नटवरलाल स्नेही नागदा के ही नहीं संपूर्ण भारत भूमि के गौरव सपूत थे। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर जो कुछ संभव होगा सब किया जाएगा। समारोह को डाॅ शोभना तिवारी, डाॅ वीणा चौधरी ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत नटवरलाल स्नेही के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन से हुई। स्वागत भाषण संस्थाध्यक्ष दीपक कुमार शर्मा ने तथा अतिथि परिचय संस्था संरक्षक डाॅ एस एन शर्मा ने दिया अभिनन्दन पत्र का वाचन डाॅ अनन्त शर्मा ने किया। आयोजन की रूपरेखा संरक्षक गोविन्द मोहता ने प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत कैलाश सनोलिया, दीपक शर्मा, ओम प्रकाश चौहान मंजीत चावला आदि ने किया। स्नेही जी की रचनाओं का पाठ उनकी सुपुत्री प्रतिभा शर्मा ने किया। इस अवसर पर बडी संख्या में साहित्य अनुरागी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुभाष बाफना ने किया तथा आभार डाॅ अनन्त शर्मा ने माना।
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