Wednesday 4th August 2021

डॉ. दिलीप धींग आचार्य नानेश सम्मान से सम्मानित

डॉ. दिलीप धींग आचार्य नानेश सम्मान से सम्मानित

शाश्वत सृजन समाचार

चेन्नई। अंतरराष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन व शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. दिलीप धींग को 8 दिसम्बर रविवार को कोलकाता में आचार्य नानेश स्मृति सम्मान-ं2019 से सम्मानित किया गया। मेघालय के राज्यपाल तथागत राय एवं पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी के आतिथ्य में आयोजित समारोह की अध्यक्षता समाजसेवी अजित चोरड़िया ने की। विचार मंच, कोलकाता की ओर से आयोजित समारोह में डॉ. धींग को मुक्ताहार, शॉल, स्वर्णिम सम्मान पदक और एक लाख रुपये की राशि के साथ सम्मानित किया गया। प्रदत्त सम्मान-पदक पर 12वीं सदी की विख्यात ‘जैन सरस्वती’ की कलात्मक प्रतिमा की अनुकृति है। मंच के मंत्री सरदारमल कांकरिया ने कहा कि डॉ. धींग सरस्वती-ंपुत्र हैं। डॉ. तारा दुगड़ ने कहा कि डॉ. धींग जैनविद्या के सर्वाधिक लोकप्रिय और बहुपठित साहित्यकार हैं। डॉ. धींग ने आचार्य नानेश के समता दर्शन और धर्मपाल अभियान को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं के एकात्म-दर्शन के लिए संस्कृत के साथ प्राकृत जानना भी जरूरी है। समारोह में केसरीनाथ त्रिपाठी को विचार मंच का विजयसिंह नाहर सम्मान, डॉ. जितेन्द्र बा. शाह को हेमचन्द्राचार्य साहित्य सम्मान, डॉ. ओम निश्चल को कल्याणमल लो-सजय़ा सारस्वत साधना सम्मान, डॉ. राजीव रावत को विष्णुकांत शास्त्री सम्मान, डॉ. श्वेता जैन को गणेश ललवाणी सम्मान, डॉ. किरण सिपानी को फूलकँवर कांकरिया सम्मान और पार्थ चटर्जी को इन्द्र दुगड़ सम्मान प्रदान किया गया। अध्यक्ष पन्नालाल कोचर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रिखबदास भंसाली, चंचलमल बच्छावत, रिद्धकरण बोथरा सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक विशिष्टजन उपस्थित थे। 7 दिसंबर शनिवार को डॉ. दिलीप धींग की अध्यक्षता और डॉ. लता बोथरा के संयोजन में हुई राष्ट्रीय जैनविद्या संगोष्ठी में एक दर्जन विद्वानों ने शोधपत्र पढ़े।

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