Wednesday 21st April 2021

हिंदी प्रतिभा पहचान स्पर्धाओं का समापन

हिंदी प्रतिभा पहचान स्पर्धाओं का समापन

शाश्वत सृजन समाचार

चेन्नई। तमिलनाडु हिंदी अकादमी, मद्रास हिंदी प्रचारक संघ और जय भारती हिंदी प्रचार केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में 22 दिसम्बर रविवार को टी. नगर स्थित ठक्कर बापा विद्यालय के खचाखच भरे विनोबा सभागार में हिंदी प्रतिभा पहचान प्रतियोगिताओं का अंतरविद्यालयी समापन समारोह सम्पन्न हुआ। अकादमी संस्थापक डॉ. बालशौरि रेड्डी की स्मृति में आयोजित इस समारोह में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के प्रधान सचिव एस. जयराज मुख्य अतिथि और पूर्व प्रधान सचिव सी.एन.वी. अण्णामलै विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने तमिल में हिन्दी का महत्व बताया।
अध्यक्ष डॉ. सु. कृष्णचंद चोरड़िया ने कहा कि अपनी मातृभाषा के साथ हिन्दी सीखने से लाभ ही लाभ हैं। हिन्दी भारत की सम्पर्क भाषा के साथ ही रोजगार, सद्भाव और सफलता की भाषा भी है। महासचिव डॉ. दिलीप धींग ने 25 विद्यालयों के सत्रह सौ विद्यार्थियों के बीच इस सफल आयोजन को बहुत प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया। जय भारती के अध्यक्ष एस. रमेश ने बताया कि तीन श्रेणियों में तीन-तीन विषयों पर निबंध और भाषण प्रतियोगिताएँ हुईं। प्रधान सचिव रा. कृष्णमूर्ति ने बताया कि प्रतियोगिताओं में ए.एम. जैन विद्यालय (मीनम्बाक्कम) के विद्यार्थियों ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
संयोजक डॉ. एन. गुरुमूर्ति ने स्वागत भाषण के साथ अतिथियों का परिचय दिया। अकादमी सचिव जे. अशोककुमार जैन ने अकादमी की गतिविधियाँ और भावी योजनाएँ बताईं। सभी विजेता विद्यार्थियों को नकद राशि, प्रमाण-पत्र, प्रतीक-चिह्न और पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया। डॉ. उमापति शास्त्री, पी. सुब्रह्मण्यम, ए. सुभाष शास्त्री, आर. कण्णन, एस. आनंद कृष्णन, डॉ. एन. श्रीनिवासन, टी. एस. जयंती आदि एक दर्जन निर्णायकों का भी सम्मान किया गया। अतिथियों ने डॉ. ईश्वरी, डॉ. के. गौरी तथा आर. कृष्णमूर्ति की हिन्दी-तमिल पुस्तकों का विमोचन किया। बालमीरा गुरुमूर्ति ने शास्त्रीय संगीत और आठ वर्षीय छात्रा डी. सुधीक्षा ने नृत्य पेश किया। ललिता के मंगलाचरण से शुरू हुआ कार्यक्रम चार घंटे चला, जिसका संचालन डॉ. के. गौरी और जे. अशोककुमार ने किया।

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