Wednesday 21st April 2021

युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी

कविता *विक्रम कुमार

आदर्श उनके हैं बसे ब्रह्मांड के आधार में
जीवन लगाया अपना बस युवाओं के उद्धार में
दुनिया में सुधारक तो लाखों आए थे मगर
विवेकानंद जी सा ना हुआ कोई संसार में

आपको है हिंद का वंदन विवेकानंद जी
युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी
 
थे बहुत कुशाग्र और क्षमताओं में अनंत थे
उत्थान उजालों के थे, और तम का अंत थे
राह एक नयी जमाने को दिखा गए सफल
अद्वितीय संसार में थे, क्रांतिकारी संत थे
 
मां भारती के कीमती रतन विवेकानंद जी
युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी
 
ज्ञान की घुट्टी नई दुनिया को था पिला दिया
सीमाएं न बचीं कोई सबको था मिला दिया
बोलने की आई जो बारी तब विदेश में
ऐसा बोलने लगे कि दुनिया को हिला दिया
 
जीता तब संसार का था मन विवेकानंद जी
युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी
 
गुरुशरण में शिष्य के सब धर्म निभाते रहे
आध्यात्म की लौ हरेक दिल में जलाते रहे
गंगा, गीता, गाय और गायत्री में रख आस्था 
हिंदुत्व का सदा ही वो मान बढा़ते रहे
 
बता गए क्या होता है सनातन विवेकानंद जी
युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी
 
आप के हीं गुणों को गा रहा है ये गगन
आपकी ही याद में है गंगा और गीता मगन
हिंद के पुरोधा स्वामी विवेकानंद जी
देश पूरा कर रहा है आपको दिल से नमन
 
आभारी आपका सदा वतन विवेकानंद जी
युवा दिवस पे आपको नमन विवेकानंद जी
 
*विक्रम कुमार
मनोरा, वैशाली
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