Wednesday 21st April 2021

कैसे काम करता है सुपर पॉवर अचेतन मन?

कैसे काम करता है सुपर पॉवर अचेतन मन?

लेख*सोनी जैन

माली को काम करते हुए आपने देखा होगा जब वह मिट्टी में कुछ बोना चाहता है तो उसके लिए बीजों का चयन बड़े सावधानी से करता है और चुन-चुन कर मिट्टी में बीज डालता है।ताकि जो कुछ वह बोये उसका बहुत अच्छा परिणाम उसको प्राप्त हो। हमारा अचेतन मन भी इसी प्रकार से काम करता है हमारा अचेतन मन बिल्कुल मिट्टी के समान है जिसमें हम अपने विचार और इच्छाओं को चुन कर डालते हैं और इन विचार और इच्छाओं को चुनने का काम हमारा चेतन मन करता है बिल्कुल माली की तरह। दुनिया की सबसे बड़ी ताकत (सुपर पावर) अचेतन मन (unconscious mind)है। आजकल बहुत से लोग अनकॉन्शियस माइंड और सबकॉन्शियस माइंड को एक ही मानते हैं। जबकि दोनों अलग-अलग है। अनकॉन्शियस माइंड की ताकत असीमित होती है।



जब चेतन मन के द्वारा चुने गए विचार और इच्छाएं हमारे अचेतन मन तक पहुंचते हैं तो हमारा अचेतन मन उन पर तुरंत ही काम करना शुरू कर देता है। अपने पूरे जीवन में जो अनुभव और ज्ञान हमने अर्जित किया है हमारा अचेतन मन उसको खंगालने में लग जाता है और खोजबीन करके ऐसे तरीके निकालता है जिससे कि हमारे विचार और इच्छाएं पूरी हो सके। हमारे अचेतन मन को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि जो विचार चेतन मन के द्वारा चुने गए हैं वह नकारात्मक है या सकारात्मक। अचेतन मन का कार्य मात्र उन विचार और इच्छाओं की पूर्ति करना है जिनको चेतन मन ने चुना है इसीलिए हमें बहुत ही सावधानी से अपने विचार और इच्छाओं को चुनना चाहिए। उसी के अनुसार हमारा व्यक्तित्व भी नकारात्मक और सकारात्मक बनता है।



हमारा कोई विचार या इच्छा कितनी जल्दी पूरी होगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनके पीछे हमारा कितना दृढ़ विश्वास है, जितना अधिक विश्वास होगा उतना ही जल्दी उनके पूरा होने की संभावना होंगी।क्योंकि तब हमारा अचेतन मन प्रकृति का भी सहारा लेता है। हमारा अचेतन मन लॉ ऑफ अट्रैक्शन के द्वारा उन चीजों को अपनी ओर आकर्षित करता है जिनसे चेतन मन द्वारा चुने गए विचार और इच्छाओं की पूर्ति जल्द से जल्द हो सके। अचेतन मन की शक्ति के द्वारा हम किसी भी कार्य में सफल हो सकते हैं। इसीलिए अचेतन मन को सुपर पावर कहा जाता है।



एक और महत्वपूर्ण चीज है कि यदि शक्ति है,ताकत है तो उस ताकत का प्रयोग सावधानी से होना चाहिए,उस पर कंट्रोल होना चाहिए नहीं तो यह ताकत सृजन से ज्यादा विध्वंस कर सकती है। हमारा अचेतन मन बिल्कुल उस घोड़े के समान है जिसे यदि बिना लगाम के छोड़ दिया जाए तो दिशाहीन होकर इधर-उधर भागेगा,चोट खाएगा और आवेग में किसी खाई में भी गिर सकता है लेकिन यदि लगाम कसी जाए तो सवार अपनी इच्छा से उसकी शक्ति का प्रयोग करके अपनी मंजिल पर पहुंच सकता है। लेकिन सवाल है कि हमारे अचेतन मन पर लगाम कौन सी लगेगी? तो दोस्तों अचेतन मन पर लगाम लगेगी आपके जीवन जीने के मकसद की,एक ऐसी वजह की जिसके कारण आप जीना चाहते हैं एक बर्निंग डिजायर की। जब आपके जीवन में मकसद पैदा हो जाएगा तो फिर आपकी मंजिल बिल्कुल साफ होगी और अचेतन मन उस तक पहुंचने के हजारों रास्ते आपको दिखाने लगेगा यानी अचेतन मन को एक दिशा मिल जाएगी और आपके लिए सफलता के द्वार खुल जाएंगे।



अगले लेख में मैं आपको कुछ ऐसे लोगों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने आज चेतन मन के द्वारा ऐसे ऐसे कार्य किये हैं जिनके ऊपर विश्वास करना बहुत कठिन है। उनके बारे में जानकर आप समझ पाएंगे कि आप अचेतन मन की शक्ति से क्या-क्या कर सकते हैं। एक बात और याद रखिएगा कि चेतन मन, अर्द्धचेतन मन और अचेतन मन अलग-अलग मन नहीं है बल्कि एक ही मन है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर कार्य करते हैं। जैसे अभी आप मेरा यह लेख पढ़ रहे हैं तो इस समय चेतन मन में इस लेख से संबंधित विचार है लेकिन इस समय भी आपका सांस लेने की प्रक्रिया ,हृदय धड़कने की प्रक्रिया ,पाचन क्रिया आदि सभी सुचारू रूप से चल रहे हैं क्योंकि यह सारे कार्य हमारे अवचेतन मन के द्वारा होते रहते हैं।
इस लेख को यदि आप और अच्छी तरह से चित्रों के माध्यम से समझना चाहते हैं तो आप मेरे यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/user/sonijain1203 पर देख सकते है।

*सोनी जैन
(मनोवैज्ञानिक एवं स्वतंत्र लेखिका)



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