Wednesday 21st April 2021

माँ अम्बे सुन लो पुकार

कविता*डॉ. अनिता जैन 'विपुला'




माँ अम्बे सुन लो पुकार
पड़े हैं हम तेरे द्वार
मैया हम बालक तेरे
भक्तों की सुन लो पुकार
माँ अम्बे सुन लो पुकार

प्रेम से विनती हर बार
भर दो यह झोली हमार
मैया हम सभी नादान
सजा है तेरा दरबार
माँ अम्बे सुन लो पुकार

महिषासुर मर्दनी मात
माँ दुर्गा दुर्गति मिटात
मैया हमारी शक्ति तुम
भक्ति हमारी बढ़त जात!
माँ अम्बे सुन लो पुकार

तुममें ही अटल विश्वास
मुक्ति की तुमसे ही आस
नत सर आरती उतारूँ
आ जाओ हमारे पास
माँ अम्बे सुन लो पुकार

ज्ञान दो समझें संसार
कर दो मैया बेड़ा पार
धूप दीप भोग चढ़ाते
चाहते हम ममता प्यार
माँ अम्बे सुन लो पुकार !!

*डॉ.अनिता जैन ‘विपुला’


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