Sunday 18th April 2021

नई तहरीर लिखेंगे हम

कविता*डॉ. अनिता जैन 'विपुला'




मुश्किलों में भी सपने बुनेंगे हम।
हसीं जिद्द को मुकम्मल करेंगे हम ।

नहीं है साधन आज तो क्या गम है,
विजय के बुलंद हौसले रखेंगें हम ।।

जी तोड़ मेहनत से सब पा लेंगे ,
फिर आँधी तूफान भी सहेंगे हम ।।

राह सच्ची, सीधी पर ही चलेंगे
विपदाओं से न कभी भागेंगे हम ।।

सितारों से इस्तक़बाल होगा तब
क़िस्मत की खुशबू से महकेंगे हम ।

पहुँच कर कामयाबी के शिखर पर,
मतलब की रोटियाँ न सेकेंगे हम।

“विपुला” प्रेम व विश्वास के सहारे,
आज की नई तहरीर लिखेंगे हम ।

*डॉ. अनिता जैन “विपुला”, उदयपुर


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