Wednesday 21st April 2021

नींद के संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण और रोचक बातें

नींद के संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण और रोचक बातें

लेख*सोनी जैन

अच्छी नींद सफलता और तंदुरुस्ती का खजाना में हमें नींद के संबंध में बहुत ही महत्वपूर्ण और रोचक बातें जानी। आज इस लेख में बात करेंगे कि नींद कितने प्रकार की होती है? शारीरिक और मानसिक थकान उतारने के लिए कौन सी नींद आवश्यक होती है। नींद की कौन-कौन सी अवस्थाएं होती है ? सपने आना, बिस्तर गीला करने की समस्या और नींद में चलने की समस्या नींद की किस अवस्था (stage) में होती है? दोस्तों नींद के ऊपर आज तक जितने भी अध्ययन हुए हैं उन सभी में EEG यानी Electroencephalogram नामक यंत्र बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है।इसी यंत्र की सहायता से नींद में व्यक्ति की मस्तिष्क तरंगों को रिकॉर्ड किया जाता है और उन्हीं के आधार पर नींद के संबंध में अनेकों अध्ययन किए गए। अध्ययनों के अनुसार नींद दो प्रकार की होती है।



# Non Rapid Eye Movement sleep ( अतीव्र आँख गति नींद)
# Rapid Eye Movement Sleep (तीव्र आँख गति नींद)
Non REM SLEEP: दोस्तों जैसा कि नाम से ही पता चलता है नींद में हमारी आंख की पुतलियों यानी कि आई बॉल में जो गति होती है वह बिल्कुल ना के बराबर होती है। क्योंकि यह एक गहरी नींद की अवस्था होती है। जो व्यक्ति शारीरिक परिश्रम ज्यादा करते हैं वह इसी नींद में अपनी थकान उतारते हैं क्योंकि इस दिन में व्यक्ति गहरी नींद लेता है और उसी नींद में उसके शरीर के अंदर की जो भी टूट-फूट होती है वह रिपेयर होती हैं जैसा कि इससे पहले लेख में मैंने आपको बताया था कि नींद एक अनाबॉलिक प्रोसेस है।



REM SLEEP: दोस्तों RAM Sleep में हमारी आंखों की पुतलियों में गति बहुत तेज हो जाती है ।प्रति मिनट 30 से 40 बार की दर से यह गति होती है।इसी नींद व्यक्ति सबसे ज्यादा सपने देखता है इसलिए इस नींद को Dream sleep भी कहते हैं। जो लोग मानसिक रूप से ज्यादा परेशान रहते हैं या तनाव में रहते हैं उनके लिए यह नींद विशेष लाभदायक होती है क्योंकि ड्रीम के द्वारा में अपने तनाव को मुक्त करते हैं। दोस्तों ड्रीम स्लीप में जो भी सपने आते हैं वे अतार्किक एवम सांवेगिक होते है। दोस्तों ऐसा नहीं है कि non ram sleep में सपने नहीं आते वहां भी सपने आते हैं परंतु वहां सपनों की जो प्रकृति होती हैं वह सामान्य विचारों (common thinking )पर आधारित होते हैं।
नींद की अवस्थाएं : दोस्तों मुख्य रूप से नींद की 5 अवस्थाएं होती हैं।



पहली अवस्था : जब व्यक्ति सोने की इच्छा से अपने बिस्तर पर लेटा है और आंखें बंद करता है।
दूसरी अवस्था यह अवस्था एक तरह से संक्रमण की अवस्था होती है यानी जागृत अवस्था से नींद में जाने की शुरुआत होती है। इस अवस्था में जो नींद होती है वह 5 से 10 मिनट की होती है। यदि इस अवस्था में कोई सोते हुए व्यक्ति को उठा दे तो उसे ऐसा लगता है कि वह अभी सोया ही नहीं था।
तीसरी अवस्था जब व्यक्ति का चेतन मन सोने लगता है अर्थात शरीर में हलचल बंद हो जाती है और आसपास की चीजों के लिए वह प्रतिक्रिया बहुत कम देता है।इस स्थिति में शरीर का तापमान भी कम होने लगता है।यह अवस्था लगभग 20 मिनट की होती है।चौथी अवस्था ये गहरी नींद की अवस्था होती है। इस अवस्था को डीप स्लीप(Deep sleep) भी कहते हैं जिसमें हमारी मांसपेशियां बिल्कुल रिलेक्स हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर कम हो जाता और शवास गति धीमी हो जाती है हमारा चेतन मन सो जाता है बाहर की किसी आवाज और के लिए उत्तर नहींं देता।



एक कहावत है दोस्तों “सोया आदमी मरा बराबर” यह कहावत इसी अवस्था के लिए बनी है।
चौथी अवस्था में ही बिस्तर गीले करना और नींद में चलने जैसी समस्याएं होती है क्योंकि चेतन मन पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाता है ।इसी अवस्था में शारीरिक थकान भी दूर होती है। चारों अवस्थाएं NON RAM नींद की होती है। इन चार अवस्थाओं में व्यक्ति जब एक घंटा बिता चुका होता है तो नींद की पांचवी अवस्था शुरू होती है जो की RAM नींद की अवस्था होती है।
पांचवी अवस्था : पांचवी अवस्था RAM स्लीप की अवस्था होती है इस अवस्था में NON RAM SLEEP के मुकाबले हमारा मस्तिष्क ज्यादा क्रियाशील होता है। आंखों की पुतलियों की गति बढ़ जाती है । हमारी ऐच्छिक मांसपेशियां बिल्कुल निष्क्रिय हो जाती हैं। या यूं कहिए उन्हें लकवा मार जाता है। दोस्तों जब हमें सपने आते हैं तो हम उनमें कोई न कोई क्रिया जैसे दौड़ना ,भागना ,डरना कर रहे होते हैं क्योंकि इस अवस्था में सपने बहुत ही अतार्किक और संवेगो से जुड़े रहते हैं।सपने देखते समय हमारे हृदय धड़कन और स्वास् गति बढ़़ जाती पर हम अपने बिस्तर पर ही रहते हैं क्योंकि हमारी ऐच्छिक मांसपेशियां जैसे हाथ और पैर को लकवा मार जाता है ।ऐसा प्रकृति ने इसलिए किया है ताकि हमें सपने देखते समय किसी तरह की चोट या अन्य क्षति ना हो।



दोस्तों नींद की यह पांचो अवस्थाओं में से पहली अवस्था को छोड़कर अन्य चारों अवस्थाएं पूरी रात एक के बाद एक रिपीट होती रहती हैं ।यदि हम रात में 8 से 10 घंटे की नींद लेते हैं तो इन सभी अवस्थाएं की तीन से चार बार पुनरावृति हो जाती है ।दोस्तों हमारी नींद का 20 से 25% हिस्सा RAM स्लीप का होता है। दोस्तों जैसे कि हमने पहले लेख में जाना था कि हमारी नींद का डिस्टर्ब हो जाना या उड़ जाना का एक मुख्य कारण हमारी प्रकृतिक शारीरिक घड़ी अर्थात सर्काडियन रिदम(circadian Rythem ) है। अगले लेख में हम जानेंगे कि और कौन कौन से कारक होते हैं जो हमारी नींद को उड़ा देते हैं और यदि हमारी नींद डिस्टर्ब होती है तो कौन-कौन स्लीप डिसऑर्डर हो सकते हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि किस तरह से हम एक अच्छी नींद ले सकते हैं विशेष रूप से इस कोरोना काल में जबकि सभी लोग चिंता और तनाव में हैं।

*सोनी जैन, मेरठ
(स्वतंत्र लेखिका मनोविज्ञान विशेषज्ञ)

आप इस लेख को यूट्यूब चैनल “Concept talk with us” पर जाकर सुन सकते हैं और चित्रों के माध्यम से और अच्छे से समझ सकते हैं।  भाग 1   भाग 2 

यह भी पढ़ें- अच्छी नींद सफलता और तंदुरुस्ती का खजाना



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